‘मानवीय गलियारे'(Humanitarian Corridors) क्या होते है, यह क्यों हैं चर्चा का विषय

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क्यों हैं चर्चा का विषय

अभी हाल ही में रूस द्वारा नागरिकों के लिये “मानवीय गलियारे” (Humanitarian Corridors) प्रदान करने हेतु रूस-यूक्रेन युद्ध में एक अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की गई थी। क्योंकि इस युद्ध के दौरान कई देशो के नागरिक यूक्रेन में फंसे हुए थे, जिसके कारण रूस ने कुछ समय के लिए युद्धबिराम लगाने की घोषणा की है, ताकि उन्हें निकला जा सके।

Humanitarian Corridors क्या होते है
मानवीय गलियारे कैसे मदद कर सकते हैं और वे कैसे नुकसान पहुंचा सकते हैं?

जैसे ही युद्ध एक संभावित घातक चरण में प्रवेश करता है तो नागरिकों द्वारा सुरक्षा और शरण के लिये देश छोड़ने का प्रयास किया जाता है, अत: नागरिक या जन-धन के नुकसान को कम करने के लिये मानवीय उपाय किये जाने चाहिये।

‘मानवीय गलियारे’ क्या होते है?(What are Humanitarian Corridors)

संयुक्त राष्ट्र(UN) मानवीय गलियारों को सशस्त्र संघर्ष के अस्थायी विराम के कई संभावित रूपों में से एक मानता है। वे एक विशिष्ट क्षेत्र में और एक विशिष्ट समय के लिए विसैन्यीकृत(यानि कुछ समय के लिए वहां से सेना को हटा दिया जाता है) क्षेत्र हैं – और एक सशस्त्र संघर्ष के दोनों पक्ष उनसे सहमत हैं। मानवीय गलियारों को बनाकर वहां से लोगो को निकलने का रास्ता दिया जाता है।8 मार्च 2022 से जुड़े सभी Current Affairs- Current Affairs Today

इस कॉरिडोर की आवश्यकता क्यों होती है?

  • इन गलियारों के माध्यम से, संघर्ष के क्षेत्रों में भोजन और चिकित्सा सहायता लाई जा सकती है, या नागरिकों को निकाला जा सकता है।
  • मानवीय गलियारे(Humanitarian Corridors) तब आवश्यक होते हैं जब शहरों की घेराबंदी की जाती है और आबादी बुनियादी खाद्य आपूर्ति, बिजली और पानी से कट जाती है।
  • ऐसे मामलों में जहां मानवीय आपदा सामने आती है क्योंकि युद्ध के अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया जा रहा है – उदाहरण के लिए नागरिक लक्ष्यों पर बड़े पैमाने पर बमबारी के माध्यम से – मानवीय गलियारे महत्वपूर्ण राहत प्रदान कर सकते हैं।
  • उनका उपयोग संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) एवं पत्रकारों द्वारा उन विवादित क्षेत्रों तक पहुँच प्राप्त करने के लिये भी किया जा सकता है जहाँ युद्ध अपराध किये जा रहे हैं।

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मानवीय गलियारे किसके द्वारा स्थापित किये जाते है?

ज्यादातर मामलों में, मानवीय गलियारों(Humanitarian Corridors) पर संयुक्त राष्ट्र(UN) द्वारा बातचीत की जाती है। कभी-कभी वे स्थानीय समूहों द्वारा भी स्थापित किए जाते हैं। चूंकि सभी पक्षों को गलियारों को स्थापित करने के लिए सहमत होने की आवश्यकता है, इसलिए सैन्य या राजनीतिक दुरुपयोग का खतरा है।

उदाहरण के लिए, गलियारों का इस्तेमाल हथियारों और ईंधन की तस्करी के लिए घिरे शहरों में किया जा सकता है। इसका उपयोग संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों, गैर सरकारी संगठनों और पत्रकारों द्वारा उन विवादित क्षेत्रों तक पहुंच प्राप्त करने के लिए भी किया जा सकता है जहां युद्ध अपराध किए जा रहे हैं।

मानवीय गलियारों(Humanitarian Corridors) तक पहुंच संघर्ष के पक्षों द्वारा निर्धारित की जाती है। यह आमतौर पर तटस्थ अभिनेताओं, संयुक्त राष्ट्र या रेड क्रॉस जैसे सहायता संगठनों तक सीमित है। वे समय की लंबाई, क्षेत्र और परिवहन के साधन – ट्रक, बस या विमान – को गलियारे का उपयोग करने की अनुमति भी निर्धारित करते हैं।

दुर्लभ मामलों में, मानवीय गलियारों का आयोजन केवल संघर्ष के पक्षों में से एक द्वारा किया जाता है। 1948-1949 में सोवियत संघ द्वारा बर्लिन की नाकेबंदी के बाद अमेरिकी एयरलिफ्ट के साथ ऐसा हुआ।

मानवीय गलियारे(Humanitarian Corridors) का उपयोग कब और कहाँ किया गया था?

20वीं सदी के मध्य से मानवीय गलियारों को स्थापित किया गया है। उदाहरण के लिए, 1938 से 1939 तक तथाकथित किंडरट्रांसपोर्ट के दौरान, यहूदी बच्चों को नाजी नियंत्रण वाले क्षेत्रों से यूनाइटेड किंगडम में निकाला गया था।

इसके अलावां 1992-1995 के दौरान साराजेवो, बोस्निया की घेराबंदी और 2018 में घोउटा, सीरिया की निकासी के दौरान मानवीय गलियारे(Humanitarian Corridors) भी बनाए गए थे।

हालाँकि, ऐसे कई युद्ध और संघर्ष हैं जहाँ नागरिक गलियारों के आह्वान या लड़ाई में विराम व्यर्थ किया गया है। उदाहरण के लिए, यमन में चल रहे युद्ध में, संयुक्त राष्ट्र अब तक अपनी वार्ताओं में विफल रहा है।

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Manish Kushwaha

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