DRDO द्वारा Air Version of Brahmos Missile सफल परीक्षण किया गया

Spread the love

ब्रम्होस मिसाइल के  वायु संस्करण(Air Version of Brahmos Missile):- 

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के वायु संस्करण का 08 दिसंबर,  2021 को ओडिशा के तट से दूर एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर से 10:30 बजे सुपरसोनिक लड़ाकू विमान सुखोई 30 एमके-आई से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था।

इस कॉपी बुक फ्लाइट में, मिसाइल को लॉन्च किया गया था। विमान से सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पूर्व नियोजित प्रक्षेपवक्र का पालन किया। लॉन्च ब्रह्मोस के विकास में एक प्रमुख मील का पत्थर है।

यह देश के भीतर वायु-संस्करण ब्रह्मोस मिसाइलों(Air Version of Brahmos Missile) के धारावाहिक उत्पादन के लिए प्रणाली को मंजूरी देता है।

Air Version of Brahmos Missile
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के वायु संस्करण

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण फायरिंग पर रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), ब्रह्मोस, भारतीय वायु सेना और उद्योग की प्रशंसा की है।

उड़ान परीक्षण में शामिल टीमों को बधाई, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ जी सतीश रेड्डी ने कहा कि डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं, शैक्षणिक संस्थानों, गुणवत्ता आश्वासन और प्रमाणन एजेंसियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और भारतीय वायु सेना ने इस जटिल मिसाइल प्रणाली के विकास, परीक्षण, उत्पादन और शामिल करने में भाग लिया।

यह भी देखें:-

Air Version of Brahmos Missile की खाशियत क्या है?:- 

ब्रम्होस मिसाइल   वायु संस्करण प्रमुख एयरफ्रेम असेंबलियां जो रामजेट इंजन का अभिन्न अंग हैं, भारतीय उद्योग द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित की गई हैं।

इनमें मेटलिक और नॉन-मेटालिक एयर फ्रेम सेक्शन शामिल हैं जिनमें रैमजेट फ्यूल टैंक और न्यूमेटिक फ्यूल सप्लाई सिस्टम शामिल हैं। परीक्षण के दौरान, संरचनात्मक अखंडता और कार्यात्मक प्रदर्शन सिद्ध हुए हैं।

ब्रह्मोस के हवाई संस्करण का अंतिम परीक्षण जुलाई 2021 में किया गया था। ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के विकास, उत्पादन और विपणन के लिए भारत (DRDO) और रूस (NPOM) के बीच एक संयुक्त उद्यम है।

ब्रह्मोस एक शक्तिशाली आक्रामक मिसाइल हथियार प्रणाली है जिसे पहले ही सशस्त्र बलों में शामिल किया जा चुका है।

ब्रह्मोस मिसाइल क्या है?(What is Brahmos Missile):-

What is Brahmos Missile
What is Brahmos Missile

ब्रह्मोस एक कम दूरी की रैमजेट, सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है। इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है।

रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया (NPO Mashinostroeyenia) तथा भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने संयुक्त रूप से इसका विकास किया है। यह रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की प्रौद्योगिकी पर आधारित है।

ब्रह्मोस के समुद्री तथा थल संस्करणों का पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है तथा भारतीय सेना एवं नौसेना को सौंपा जा चुका है।

ब्रह्मोस भारत और रूस के द्वारा विकसित की गई अब तक की सबसे आधुनिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली है और इसने भारत को मिसाइल तकनीक में अग्रणी देश बना दिया है। ब्रह्मोस एक सुपरसॉनिक क्रूज़ प्रक्षेपास्त्र है।

क्रूज़ प्रक्षेपास्त्र उसे कहते हैं जो कम ऊँचाई पर तेजी से उड़ान भरती है और इस तरह से रडार की आँख से बच जाती है। ब्रह्मोस की विशेषता यह है कि इसे जमीन से, हवा से, पनडुब्बी से, युद्धपोत से यानी कि लगभग कहीं से भी दागा जा सकता है।…..Join Telegram

यही नहीं इस प्रक्षेपास्त्र को पारम्परिक प्रक्षेपक के अलावा उर्ध्वगामी यानी कि वर्टिकल प्रक्षेपक से भी दागा जा सकता है

ब्रह्मोस का विकास ब्रह्मोस कोर्पोरेशन किया जा रहा है। यह कम्पनी भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्त्रोयेनिशिया का सयुंक्त उपक्रम है। ब्रह्मोस नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा नदी पर रखा गया है।

रूस इस परियोजना में प्रक्षेपास्त्र तकनीक उपलब्ध करवा रहा है और उड़ान के दौरान मार्गदर्शन करने की क्षमता भारत के द्वारा विकसित की गई है। प्रक्षेपास्त्र तकनीक में दुनिया का कोई भी प्रक्षेपास्त्र तेज गति से आक्रमण के मामले में ब्रह्मोस की बराबरी नहीं कर सकता।

इसकी खूबियाँ इसे दुनिया की सबसे तेज़ मारक मिसाइल बनाती है। यहाँ तक की अमरीका की टॉम हॉक मिसाइल भी इसके आगे फिसड्डी साबित होती है।

ब्रह्मोस मिसाइल की विशेषता(Specification of Brahmos):-

  • यह हवा में ही मार्ग बदल सकती है और चलते फिरते लक्ष्य को भी भेद सकती है।
  • इसको वर्टिकल या सीधे कैसे भी प्रक्षेपक से दागा जा सकता है।
  • यह मिसाइल तकनीक थलसेना, जलसेना और वायुसेना तीनों के काम आ सकती है।
  • यह 10 मीटर की ऊँचाई पर उड़ान भर सकती है और रडार की पकड में नहीं आती।
  • रडार ही नहीं किसी भी अन्य मिसाइल पहचान प्रणाली को धोखा देने में सक्षम है। इसको मार गिराना लगभग असम्भव है।
  • ब्रह्मोस अमरीका की टॉम हॉक से लगभग दुगनी अधिक तेजी से वार कर सकती है, इसकी प्रहार क्षमता भी टॉम हॉक से अधिक है।
  • आम मिसाइलों के विपरित यह मिसाइल हवा को खींच कर रेमजेट तकनीक से ऊर्जा प्राप्त करती है।
  • यह मिसाइल 1200 यूनिट ऊर्जा पैदा कर अपने लक्ष्य को तहस नहस कर सकती है।

 इन्हे भी देखें:- 


Spread the love

Manish Kushwaha

Hello Visitor, मेरा नाम मनीष कुशवाहा है। मैं एक फुल टाइम ब्लॉगर हूँ, मैंने कंप्यूटर इंजीनियरिंग से डिप्लोमा किया है और मैंने BA गोरखपुर यूनिवर्सिटी से किया है। मैं Knowledgehubnow.com वेबसाइट का Owner हूँ, मैंने इस वेबसाइट को उन लोगो के लिए बनाया है, जो कम्पटीशन एग्जाम की तैयारी करते है और करंट अफेयर, न्यूज़, एजुकेशन से जुड़े आर्टिकल पढ़ना चाहते हैं। अगर आप एक स्टूडेंट हैं, तो इस वेबसाइट को सब्सक्राइब जरूर करें।
View All Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.