क्या है? धरती पर सांपो की उत्त्पत्ति और डायनाशोर की विलुप्ति का कारण-

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सांपो की उत्त्पत्ति और डायनाशोर की विलुप्ति का कारण
सांपो की उत्त्पत्ति और डायनाशोर की विलुप्ति का कारण

सांपो की उत्त्पत्ति और डायनाशोर की विलुप्ति का कारण:-

एक नयी स्टडी के मुताबिक एस्टरॉयड के धरती से टकराने के कारण डायनाशोर धरती से हमेसा के लिए खत्म हो गए। इस एस्टोरॉइड के कारण बहुत से पेड़ पौधे और जानवर इस धरती से हमेसा के लिए खत्म हो गए।

इस स्टडी में बैज्ञानिको का कहना है की इतने भयानक बिनाश के बाद भी सापों की कुछ प्रजातीयां बच गयी थी, क्योंकि वे धरती के भीतर छुप  गए थे और काफी समय तक बिना भोजन के जीवित रहने में सफल रहे। ये सांप पूरी धरती पे फ़ैल गए आज पूरी दुनिया में इनकी लगभग 3000 प्रजातियां है।

यह एस्टेरोइड धरती पर आज से करीब 60 हजार साल पहले टकराया  था जिससे धरती पर भहुत भयानक भूकंप,सुनामी  और आग जैसी प्राकृतिक आपदाये आयी थी।

बैज्ञानिको का  इस घटना से करीब 76 फीसदी पेड़-पौधे एवं जनवर नष्ट हो गए थे  और धरती में काफी उथल पुथल हुई थी।  चारो तरफ सिर्फ धुआँ-2 हो गया था जिसके कारन सूर्य की रोशनी धरती पे नहीं पहुंच सकी और सब कुछ नष्ट हो गया। 

यूनिवर्सिटी ऑफ़ बाथ के शोधकर्तावो द्वारा शोध :-

इसी संस्था द्वारा इस शोध को अंजाम दिया गया इस टीम की लीडर डाक्टर कैथरीन क्लीन का कहना है की, “जब पृथ्वी पर आहार श्रृंखला टूट गया था तब  साप ही अपने आप को सुरक्छित रखने में कामयाब रहे और धरती के बदले  पर्यावरण के अनुकूल अपने आप को ढल लिए।” यह   एस्टेरोइड धरती से मैक्सिको के पास  था। उस   समय भी साँप आज की ही तरह दिखते थे। 

सापों के जीवित रहने का कारण:-

सांप बिना कुछ खाये पिये साल  भर रह सकते है। एस्टरॉयड  के समय यही हुनर सापों के जीवित रहने के लिए बरदान साबित हुयी। इन साँपों के फैलने फूलने के लिए खुला मैदान मिला जिससे ये पूरी  फ़ैल गए  इसी समय इन्होने एशिया की  कदम रखा। 

* यह रिसर्च नेचर कम्युनिकेशन्स में प्रकाशित  हुई है। 

डायनासोर :-

 

 

डायनासोर
डायनासोर

डायनासोर क्लैड डायनासोर के सरीसृपों का एक विविध समूह है। वे पहली बार 243 और 233.23 मिलियन वर्ष पहले त्रैसिक काल के दौरान दिखाई दिए, हालांकि डायनासोर के विकास की सटीक उत्पत्ति और समय सक्रिय शोध का विषय है।…..Join Telegram

201.3 मिलियन वर्ष पहले ट्रायसिक-जुरासिक विलुप्त होने की घटना के बाद वे प्रमुख स्थलीय कशेरुकी बन गए; उनका प्रभुत्व पूरे जुरासिक और क्रेटेशियस काल में जारी रहा।

जीवाश्म रिकॉर्ड से पता चलता है कि पक्षी आधुनिक पंख वाले डायनासोर हैं, जो देर जुरासिक युग के दौरान पहले के थेरोपोड से विकसित हुए थे, और लगभग 66 मिलियन वर्ष पहले क्रेतेसियस-पेलोजेन विलुप्त होने की घटना से बचने के लिए एकमात्र डायनासोर वंश हैं।

इसलिए डायनासोर को एवियन डायनासोर या पक्षियों में विभाजित किया जा सकता है और विलुप्त गैर-एवियन डायनासोर, जो पक्षियों के अलावा सभी डायनासोर हैं।

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Manish Kushwaha

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