भारत ने समुद्री उत्पादों के निर्यात में दर्ज की जबरदस्त बृद्धि, निर्यात पंहुचा 6.1 बिलियन $USD

Spread the love

भारत ने समुद्री उत्पादों के निर्यात में दर्ज की जबरदस्त बृद्धि:-

अभी हाल ही में 30/01/2022 को आयी एक रिपोर्ट अनुसार भारत का समुद्री उत्पादों के निर्यात में बृद्धि आयी है, इस रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल-दिसंबर 2021 के दौरान भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात में 35% की वृद्धि दर्ज की गई। वहीँ अगर पिछले वर्ष से तुलना किया जाये तो यह बृद्धि काफी अधिक है। जो वर्ष 2020 में इसी अवधि के दौरान 4.5 बिलियन अमरीकी डॉलर की तुलना में 6.1 बिलियन अमरीकी डॉलर था।

भारत ने समुद्री उत्पादों के निर्यात में दर्ज की जबरदस्त बृद्धि, निर्यात पंहुचा 6.1 बिलियन $USD
भारत ने समुद्री उत्पादों का निर्यात में दर्ज की जबरदस्त बृद्धि, निर्यात पंहुचा 6.1 बिलियन $USD

अप्रैल-दिसंबर 2019 (USD 5.5 बिलियन) और अप्रैल-दिसंबर 2014 (USD 4.4 बिलियन) की तुलना में, समुद्री उत्पादों के निर्यात में क्रमशः 12% और 38% की वृद्धि दर्ज की गई।
दिसंबर 2021 के महीने में, समुद्री उत्पादों का निर्यात 720.51 मिलियन अमरीकी डालर को छू गया, जो दिसंबर 2020 में $562.85 मिलियन से अधिक 28.01% की वृद्धि दर्ज करता है।

पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष का निर्यात:-

पिछले वित्तीय वर्ष (मार्च, 2020-अप्रैल, 2021) में समुद्री उत्पादों का कुल निर्यात 5.96 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, और वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तीन तिमाहियों के दौरान 6.11 बिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ, इस क्षेत्र में अब तक सभी से अधिक होने की संभावना है। जनवरी, 2020 से कोविड-19 महामारी के प्रभाव के बावजूद वित्त वर्ष 2017-18 में 7.02 बिलियन अमेरिकी डॉलर का उच्च निर्यात हुआ।

यह भी पढ़े:-

नवीकरणीय ऊर्जा क्या है?, क्या है इसका महत्व और सम्बंधित समस्याएं

विश्व शीर्ष निर्यातक देश और भारत द्वारा निर्यात किया गया उत्पाद:-

अप्रैल-नवंबर 2021 में शीर्ष 5 निर्यात देश (नवीनतम उपलब्ध, ब्रैकेट में शेयर% के आधार पर) हैं- संयुक्त राज्य अमेरिका(44.5%), चीन (15.3%), जापान (6.2%), वियतनाम (4%) और थाईलैंड (3%)। फ्रोजन श्रिम्प भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात मदों में प्रमुख हिस्सा हैं, जिनका मूल्य के संदर्भ में 74 प्रतिशत हिस्सा (US डॉलर) है; जिनमे फ्रोजन फिश (7%), अन्य (6%) और फ्रोजन स्क्विड (5%) FY2020-21 में समुद्री उत्पाद निर्यात टोकरी में अन्य प्रमुख वस्तुओं का गठन करते हैं। अन्य श्रेणी में मुख्य रूप से सुरीमी और सुरीमी एनालॉग (नकली) उत्पाद शामिल थे।…..Join Telegram

भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ने में योगदान:-

भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ने में योगदान भारत सरकार द्वारा उठाये गए सही कदम का है,जिनमे प्रमुख योजनाएं शामिल हैं। भारत से समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत 1972 में स्थापित एक वैधानिक निकाय, समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) द्वारा मत्स्य पालन के लिए कई निर्यात प्रोत्साहन योजनाएं लागू की गई हैं।

प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मई 2020 में 100 विविध गतिविधियों की एक श्रृंखला के साथ प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) की 20,050 करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरुआत की। यह भारत में मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत और जिम्मेदार विकास के माध्यम से नीली क्रांति लाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।

PMMSY, सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 तक 5 वर्षों की अवधि में लागू किया जा रहा है, इसमें 1,00,000 करोड़ मत्स्य निर्यात, अतिरिक्त 70 लाख टन मछली उत्पादन, और आने वाले वर्षों में 55 लाख रोजगार का सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

Source:- PIB

इन्हे भी देखें:-

बीएसएफ को 3 फ्लोटिंग बॉर्डर आउट-पोस्ट जहाजों की डिलीवरी किया गया।

क्वांटम भौतिकी क्या है, क्वांटम के सिद्धांत और थ्योरी क्या है?


Spread the love

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.