भारत में कृषि से संबंधित सभी कृषि अनुसंधान संस्थान के बारे में

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कृषि से संबंधित सभी कृषि अनुसंधान संस्थान:-

आज हम जानेंगे भारत में कृषि से सम्बंधित सभी अनुसन्धान कौन हैं और कहा पर स्थित है। भारत के सभी कृषि अनुसन्धान संस्थान किस लिए प्रसिद्ध है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद: –

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की स्थापना 16 जुलाई, 1929 को की गई थी । यह राष्ट्रीय स्तर की शिर्ष स्वायत्त संस्था है, जिसका उद्देश्य कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना है ।

इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। यह परिषद प्रत्यक्ष तौर पर कृषि क्षेत्र में संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन फसलों, पशुओं व मछली एवं संबंधित क्षेत्रों आदि से समस्याओं को दूर करने के लिए पारस्परिक व सीमांत क्षेत्रों में अनुसंधान में शामिल है।

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान: –

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान को पूसा संस्थान के नाम से भी जाना जाता है। इसकी स्थापना पूसा बिहार में एक अमेरिकी समाज सेवक मिस्टर हेनरी फिप्स द्वारा वर्ष 1905 में की गई थी।

मूल रूप से इस संस्था को इंपीरियल कृषि अनुसंधान संस्थान के नाम से भी जाना जाता है। 3 दिसंबर 1990 को भारत सरकार ने इसका नाम राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय कर दिया।

यह संस्थान कृषि से संबंधित सभी क्षेत्रों जैसे- फसल, बागवानी ,कृषि वानिकी, पशुपालन मत्स्य पालन आदि क्षेत्रों में अनुसंधान करता है। यह संस्थान पानी के प्रबंधन वितरण, सिंचाई कमांड तथा जल विज्ञान और प्रौद्योगिकी में विशेषज्ञता प्राप्त संस्थान है।

भारतीय डेयरी अनुसंधान संस्थान: –

भारतीय डेयरी अनुसंधान संस्थान:
भारतीय डेयरी अनुसंधान संस्थान:

राष्ट्रीय डेहरी अनुसंधान संस्थान करनाल हरियाणा में स्थित है, जो मूल रूप से वर्ष 1923 में स्थापित हुई थी। इस संस्था को वर्ष 1989 में मानद विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।

मूल रूप से वर्ष 1923 में पशुपालन और डेयरी शाही संस्थान के रूप में बंगलोर में स्थापित हुआ था तथा वर्ष 1936 में इसे इंपीरियल डेरी संस्थान बना दिया गया तथा आजादी के बाद वर्ष 1955 में इसे करनाल स्थानांतरित कर दिया गया।

यह संस्थान पशुपालन तथा पशुओं के उन्नत किस्मों के विकास पर अनुसंधान करता है। इस संस्थान द्वारा आईबीएफ द्वारा दुनिया की पहली भैंस बनाई गई तथा पहला क्लोन बछड़ा, भैंस का क्लोन गरिमा, गामिनी, श्रेष्ठ को बनाकर इतिहास रच दिया गया।

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान: –

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान
भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान लखनऊ में स्थित उच्च शिक्षा का एक स्वायत्तशासी संस्था है। इसकी स्थापना गन्ना के विषय में उन्नत अनुसंधान करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तत्वाधान में कृषि मंत्रालय द्वारा की गई थी।

इसकी स्थापना वर्ष 1952 में लखनऊ उत्तर प्रदेश में की गई थी। इसकी स्थापना का निर्णय वर्ष 1970-71 में चौथी पंचवर्षीय योजना के दौरान किया गया था।

विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधानशाला:-

विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधानशाला
विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधानशाला

यह संस्थान उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित है। यह अनुसंधानशाला मक्का, चावल, जौ आदि फसलों की उन्नत किस्म का अनुसंधान करता है तथा उत्तर पश्चिम हिमालय क्षेत्र में सतत कृषि प्रणाली और संबंधित कृषि उद्यमों को बढ़ावा देता है।

इस संस्थान को जुलाई 1924 में प्रोफेसर बोसी द्वारा कोलकाता में विवेकानंद लेबोरेटरी के नाम से स्थापित किया था, जिसे 1936 में अल्मोड़ा लाया गया तथा 1959 में उत्तर प्रदेश सरकार के हाथों में दे दिया गया।

राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान: –

राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान
राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान

23 अप्रैल 1946 को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान की स्थापना का निर्णय लिया गया था।  यह संस्थान उड़ीसा के कटक के विधाधरपुर में स्थित है।…….join Telegram

वर्ष 1943 में बंगाल में आये  आकाल की पृष्ठभूमि में इसका निर्माण किया गया था।  इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य चावल के क्षेत्र में तीव्र तथा उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा देना जिससे चावल के उत्पादन में वृद्धि की जा सके।

भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान: –

भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान
भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान

भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान दलहनी फसलों पर शोध का एक शीर्ष संस्था है। इसकी स्थापना भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रमुख दलहनी फसलों पर मूलभूत शोध के लिए की गई है। इसकी स्थापना वर्ष 1983 में कानपुर उत्तर प्रदेश में हुई थी तथा यह ग्रांड ट्रंक रोड पर स्थित है।

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भारतीय भैंस अनुसंधान संस्थान: –

भारतीय भैंस अनुसंधान संस्थान
भारतीय भैंस अनुसंधान संस्थान

केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान की स्थापना वर्ष 1985 में हुई थी। यह संस्थान हिसार हरियाणा में स्थित है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में निहित सूखे की स्थिति से निपटने की क्षमता को बनाए रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शुद्ध दूध और मांस उत्पादन के लिए अधिक लाभ देने वाली भैंस की जर्मप्लाज्मा  का विकास और प्रसार करना भैंस उत्पादन पर शोध करना तथा विकास के सभी पहलुओं पर जानकारी एकत्र करना इसका उद्देश्य है।

भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान: –

भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान
भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान

यह संस्थान उत्तर प्रदेश के झांसी में स्थित है, जिसकी स्थापना वर्ष 1962 में हुई थी। झांसी में प्रमुख प्रकार की घासों के पाए जाने के कारण इसकी स्थापना झांसी में की गई थी। 1966 से यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के  प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है।

यह संस्थान पशु चरावों के उत्पादन एवं उपयोग के विभिन्न पहलुओं पर अनुसंधान करता है। चारा फसलों के अनुवांशिक संसाधनों का संकलन ,संवर्धन, संग्रहण एवं उन्नत किस्मों का विकास करता है।

जलवायु तथा कृषि की क्षेत्रीय आवश्यकता को ध्यान में रखकर भारत के अन्य क्षेत्रों में तीन अन्य अनुसंधान केंद्र अंबिका नगर(राजस्थान), धारवाड़ (कर्नाटक), पालमपुर (हिमाचल प्रदेश) में स्थापित किए गए हैं।

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Manish Kushwaha

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