भारत ने शुरू किया ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात फ्लिपिंस खरीदेगा मिसाइल

Spread the love

ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात फ्लिपिंस खरीदेगा मिसाइल:-

भारत अब ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात करेगा , आपको बता दे कि ब्रह्मोस एक क्रूज मिसाइल है जिसका निर्माण भारत ने रूस के सहयोग से किया है। भारत-रूस ब्रह्मोस मिसाइल के बिक्री के लिए फिलीपींस के साथ बातचीत अंतिम चरण में है।

भारत ने शुरू किया ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात
Brahmos मिसाइल का निर्यात

अभी हाल ही में बताया गया है कि, यह बिक्री सरकार से सरकारी मार्ग के माध्यम से है और किसी आसियान राष्ट्र के लिए यह पहली बिक्री होगी। दोनों देश वर्षों से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की बिक्री के लिए चर्चा कर रहे हैं, 2021 में फाइनेंशियल एक्सप्रेस में छापे लेख में इस समझौते के बारे में बताया गया है।

ब्रह्मोस मिसाइल के निर्यात को लेकर पहली बार फिलीपींस को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के संभावित निर्यात की घोषणा 2020 में मिशन के रूसी उप प्रमुख रोमन बाबुश्किन द्वारा की गई थी। उन्होंने मीडिया को बताया था कि ब्रह्मोस का पहला निर्यात फिलीपींस को होगा।

एक विशेष बातचीत में अतुल दिनकर राणे डीजी ब्रह्मोस डीआरडीओ और सीईओ और एमडी ब्रह्मोस ने फिलीपींस के साथ आगामी अपेक्षित सौदे के बारे में और हुमा सिद्दीकी के साथ ब्रह्मोस के बारे में बहुत कुछ साझा किया।

मिसाइल के निर्यात को लेकर एक ‘कार्यान्वयन व्यवस्था’ मूल रूप से फिलीपींस के सशस्त्र बलों के मुख्यालय में दोनों देशों द्वारा सरकार से सरकार के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।

यह भी पढ़ें:-

रियर एडमिरल केपी अरविंदन को नौसेना डॉकयार्ड (मुंबई) का एडमिरल अधीक्षक बनाया गया

PM ने पुडुचेरी में 25वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन किया।

ब्रह्मोस मिसाइल को खरीदने में रूचि लेने वाले अन्य देश:-

Brahmos मिसाइल को फिलीपींस भारत से खरीदना चाहता है और इसको लेकर दोनों देशों के बिच समझौता भी हो गया है। विश्व के कई देश है जो भारत से इस मिसाइल को खरीदना चाहते हैं। अन्य आसियान राष्ट्र जो मिसाइल और निर्यात संभावना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए भारत पहुंचे हैं ।

उनमें शामिल हैं: थाईलैंड, वियतनाम, सिंगापुर, इंडोनेशिया और मलेशिया। मध्य पूर्व (यूएई, कतर और सऊदी अरब) के देश भी चर्चा में हैं; दक्षिण अमेरिका (ब्राजील, अर्जेंटीना और चिली) और पूर्वी यूरोप (बुल्गारिया) और दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, दक्षिण कोरिया।

Brahmos मिसाइल को लेकर अतुल दिनकर राणे डीजी ब्रह्मोस ने कहा कि, महाद्वीपों में ऐसे कई देश हैं जिन्होंने अपनी सेना के लिए ब्रह्मोस प्राप्त करने में रुचि दिखाई है और हम उनके साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं।

भारत से रक्षा उपकरणों के निर्यात के लिए प्रधान मंत्री की पहल और भारत सरकार से हमें जो समर्थन मिल रहा है, उसके बाद हमें उम्मीद है कि ब्रह्मोस को जल्द ही कुछ निर्यात ऑर्डर मिलेंगे। इस समय इन सभी विवरणों का खुलासा करना समझदारी नहीं होगी।

फिलीपींस ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल क्यों खरीदना चाहता और इस पर कब तक हस्ताक्षर किए जाएंगे?

फिलीपींस की सिमा चाइना के सिमा से लगती है और दक्षिण चीन सागर में चीन से हमेसा तनाव रहता है, इसके मद्देनजर फिलीपिंस इस मिसाइल को खरीदना चाहता है ताकि अपनी ताकत को बढ़ा सके। फिलीपींस दक्षिण चीन सागर में अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ाने के प्रयास कर रहा है ।

चीन हमेशा इन देशों को धमकाता रहता है, यहां तक ​​कि चीन अपनी बदमाशी की रणनीति को जारी रखे हुए है। औपचारिक अनुबंध जल्द ही सील होने की उम्मीद है। भारत और फिलीपींस ने “रक्षा सामग्री और उपकरण की खरीद” के लिए “कार्यान्वयन व्यवस्था” पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते ने सरकार से सरकार मार्ग के माध्यम से ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के लिए आधार तैयार किया है। हम चर्चा के एक उन्नत चरण में हैं और यदि कुछ ठोस निकलता है तो दोनों सरकारें एक घोषणा करेंगी। रक्षा उत्पादों का निर्यात हमेशा सरकारों को शामिल करने वाला एक रणनीतिक निर्णय होता है।

भारत द्वारा ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात, कौन सा संस्करण निर्यात किया जायेगा।

भारत द्वारा ब्रह्मोस मिसाइल के एडवांस संस्करण का परिक्षण किया जा चूका है, अभी हाल ही में भारत ने ब्रह्मोस के वायु संसकरण मिसाइल का परिक्षण किया गया है। हालाँकि, किस संस्करण को निर्यात किया जायेगा इसको लेकर अभी सरकार निर्णय लेगी। ….Join Telegram

ब्रह्मोस मिसाइल एक सार्वभौमिक मिसाइल है जो विभिन्न प्लेटफार्मों से संचालन में सक्षम है, चाहे वह तट / भूमि, जहाज या वायु से लॉन्च हो। इस मिसाइल को भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं में पहले ही चालू कर दिया गया है। कंपनी मामले के आधार पर किसी भी प्रकार के निर्यात के लिए सरकार से अनुमति प्राप्त करेगी।

क्या भारत ब्रह्मोस मिसाइल को और भी ताकतवर बनाएगा:-

ब्रह्मोस मिसाइल को ताकतवर बनाने को लेकर अतुल दिनकर राणे ने कहा:-

  • ब्रह्मोस के लिए दुनिया का सबसे अच्छा सामरिक हथियार बने रहने के लिए, तकनीकी प्रगति के मामले में डिजाइन का विकास जारी है। इसने शक्ति, सटीकता, गतिशीलता आदि के मामले में कई नई प्रगति को शामिल करके अपना वर्चस्व बनाए रखा है।
  • उन्होंने कहा हाल ही में, हमने हथियार के अधिक उन्नत रूपों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है जो भारतीय सशस्त्र बलों को और मजबूत करेगा। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता वर्तमान हथियार प्रणाली को ब्रह्मोस की नई पीढ़ी के रूप में विकसित करना है।
  • DRDO(Defence Research and Development Organization) ब्रह्मोस एयरोस्पेस और हमारे रूसी साझेदारों के साथ मिसाइल के अगली पीढ़ी के संस्करण के डिजाइन पर काम करेगा जिसे भारतीय रक्षा बलों द्वारा तैनात किया जा सकेगा
  • हम एक छोटी और हल्की मिसाइल की उम्मीद कर रहे हैं जिसमें एक डिजाइन सहित बेहतर क्षमता हो, जो पिन-पॉइंट सटीकता और प्रदर्शन के साथ आधुनिक सैन्य प्लेटफार्मों की एक विस्तृत श्रृंखला पर अधिक संख्या में तैनाती की अनुमति दे सके।
  • डिजाइन को व्यापक परीक्षण के माध्यम से साबित करने की आवश्यकता होगी जिसके बाद उत्पादन शुरू होना चाहिए। हम भारतीय वायुसेना के साथ उन प्लेटफॉर्म्स को लेकर चर्चा कर रहे हैं, जिन पर हमारी हथियार प्रणाली को एकीकृत किया जाएगा।

इन्हे भी पढ़ें:-

26 Dec को मनाया जायेगा Veer Baal Diwas PM मोदी ने किया ऐलान

UPSSSC UP Rajasva Lekhpal Recruitment 2022 Online Form


Spread the love

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.