बीएसएफ को 3 फ्लोटिंग बॉर्डर आउट-पोस्ट जहाजों की डिलीवरी किया गया।

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कोचीन शिपयार्ड द्वारा तीन फ्लोटिंग बॉर्डर आउट-पोस्ट जहाजों की डिलीवरी:-

अभी हाल ही में बंदरगाहों, जहाजों और जलमार्ग मंत्रालय के तहत कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) ने सीमा सुरक्षा बल को तीन फ्लोटिंग बॉर्डर आउट-पोस्ट (FBOP) जहाजों की दूसरी खेप सफलतापूर्वक वितरित कर दिया है। सीएसएल को देश की जल सीमाओं की सुरक्षा के लिए ऐसे नौ एफबीओपी बनाने का आदेश मिला है। आने वाले महीनों में तीन और जहाजों की डिलीवरी होने की संभावना है। इससे BSF के ताकत में और भी इजाफा हो जायेगा।

बीएसएफ को तीन फ्लोटिंग बॉर्डर आउट-पोस्ट जहाजों की डिलीवरी किया गया।
कोचीन शिपयार्ड ने बीएसएफ को तीन फ्लोटिंग बॉर्डर आउट-पोस्ट(FBOP) जहाजों की डिलीवरी किया।

जहाँ पुरे देश में 26 जनवरी को 73वां गणतंत्र दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। वहीं, दूसरी ओर कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित तीन नए फ्लोटिंग बार्डर आउट-पोस्ट जहाजों के बेड़े को भारत के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में शामिल किया गया। बीएसएफ के अधिकारी ने बताया कि, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) ने बीएसएफ के लिए 9 फ्लोटिंग बार्डर आउट-पोस्ट में से 3 जहाजों को उन्हें समर्पित कर दिया है। उन्होंने बताया कि, जहाजों के नए बेड़े के शामिल होने से देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा मजबूत होगी।

BSF में शामिल फ्लोटिंग बॉर्डर आउट-पोस्ट जहाजों के प्रमुख बिंदु:-

गृह मंत्रालय ने मार्च 2019 में सीमा सुरक्षा बल की जल शाखा के लिए 09 एफबीओपी के डिजाइन, निर्माण और आपूर्ति के आदेश दिए थे। 46 मीटर की कुल लंबाई और 12 मीटर की चौड़ाई वाले एफबीओपी को भारत के अंतर्देशीय जल में तैनाती के लिए डिज़ाइन किया गया है, विशेष रूप से कच्छ (गुजरात) और पश्चिम बंगाल के सुंदरबन के क्रीक क्षेत्र में किया जायेगा।

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इन जहाजों का निर्माण CSL द्वारा इन-हाउस डिजाइन किया गया है और शिपिंग के भारतीय रजिस्टर द्वारा वर्गीकृत किया गया है और प्रत्येक एफबीओपी पोत को चार तेज गश्ती नौकाओं के लिए भंडारण व्यवस्था के साथ डिजाइन किया गया है, जिसे अपने स्वयं के डेविट सिस्टम का उपयोग करके लॉन्च और फहराया जा सकता है। पोत तेज गश्ती नौकाओं के फ्लोटिला के लिए फ्लोटिंग बेस के रूप में कार्य करेगा। पोत को छोटी नावों को पेट्रोल, ताजे पानी और प्रावधानों की आपूर्ति करना है।

एफबीओपी जहाजों को BSF में शामिल करने से फायदे:-

  • समुद्री सीमाओं की रक्षा करते हुए (एफबीओपी) जहाज महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे समुद्र में रहकर सीमाओं को चिह्नित करने में मदद करते हैं।
  • इन जहाजों से समुद्र में गश्त के दौरान काफी मदद मिलेगी, और छोटी नावों तक पेट्रोल, पीने के पानी की आपूर्ति करने में मदद मिलेगी। साथ ही भारत की पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर इनकी तैनाती की जाएगी।…..Join Telegram
  • स्वदेशी रूप से निर्मित फ्लोटिंग बॉर्डर आउट-पोस्ट जहाज पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ भारत की सीमा पर रणनीतिक बेस स्टेशनों के रूप में कार्य करेंगे।
  • ये जहाज देश की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं, और देश के तटीय और अंतर्देशीय जलमार्गों के माध्यम से व्यापार को बढ़ावा देने में भी मदद करेंगे।
  • कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) द्वारा निर्मित यह जहाज भारत-पाकिस्तान के 3,323 किलोमीटर और भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के 4,096 किलोमीटर के साथ भूमि और समुद्र की सुरक्षा में अहम साबित होगा।
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) के बारे में:-

कोचीन शिपयार्ड को वर्ष 1972 में भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में शामिल किया गया था। पिछले तीन दशकों में कंपनी भारतीय जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत उद्योग में एक अग्रदूत के रूप में उभरी है। यह यार्ड भारत में सबसे बड़े जहाजों का निर्माण और मरम्मत कर सकता है। पहला ग्रीनफील्ड और वर्तमान में भारत में सबसे आधुनिक जहाज निर्माण यार्ड, उच्च गुणवत्ता वाले जहाजों के निर्माण के लिए इसकी एक गहरी प्रतिष्ठा है।

कोचीन शिपयार्ड अपनी सिद्ध विशेषज्ञता के साथ टैंकरों, उत्पाद वाहक, थोक वाहक, यात्री जहाजों, उच्च बोलार्ड पुल टग, वायु रक्षा जहाज, आदि जैसे उत्पादों की एक लचीली श्रृंखला की पेशकश करने के लिए पूरी तरह से स्थित है। सीएसएल ने 1982 में जहाज मरम्मत सेवाओं की पेशकश शुरू की और है तेल अन्वेषण उद्योग के लिए जहाजों सहित सभी प्रकार के जहाजों के उन्नयन और मरम्मत का कार्य किया।

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