नवीकरणीय ऊर्जा क्या है?, क्या है इसका महत्व और सम्बंधित समस्याएं

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क्यों है, चर्चा में:-

अभी हाल ही में 27/01/2022 इंडियन एक्सप्रेस में नवीकरणीय ऊर्जा पर लिखे आर्टीकल में यह बताया गया है, कि जिस प्रकार से यूरोपीय देश इस ऊर्जा के तरफ रुख कर रहें है। ऐसे में उनके सामने क्या समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसमें बताया गया है कि पारम्परिक ईंधन की कीमत पर नवीकरणीय ऊर्जा के लिए यूरोप का जोर वैश्विक खाद्य संकट का कारण बन सकता है। अगस्त 2021 से, पश्चिमी यूरोप को अक्षय ऊर्जा की समस्या का सामना करना पड़ा है – हवा हमेशा जरूरत पड़ने पर नहीं चलती है और सूरज हमेशा चमकता नहीं है।

नवीकरणीय ऊर्जा क्या है?
Renewable energy क्या है, इसका महत्व और इससे जुडी समस्याएं क्या है?

ब्रिटेन, स्पेन और जर्मनी जैसे देश बिजली की कमी को पूरा करने के लिए प्राकृतिक गैस पर अधिक निर्भर हैं, जिससे एक ऐसा संकट पैदा हो रहा है जिसे दुनिया भर में महसूस किया जाएगा। ऐसे में नवीकरणीय ऊर्जा की जरुरत पड़ सकती है। विश्व भर में कमोडिटी बाज़ार, मांग और आपूर्ति के संतुलन पर काम करते हैं ।

दोनों में से किसी में मामूली परिवर्तन भी कीमतों में तीव्र वृद्धि या गिरावट का कारण बन सकता है। प्राकृतिक गैस के लिये यूरोप की मांग में अचानक आई वृद्धि ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG)—जिस रूप में वैश्विक स्तर पर गैस का कारोबार होता है, के मूल्यों में वृद्धि कर दी है। ऐसे में यह ऐसे में यह वैश्विक खाद्य संकट और अन्य कई समस्याओं को उत्पन्न कर सकती है।

नवीकरणीय ऊर्जा क्या है?(What is Renewable energy):-

नवीकरणीय ऊर्जा यानि की अक्षय ऊर्जा वह ऊर्जा है जो अक्षय संसाधनों से एकत्र की जाती है जो स्वाभाविक रूप से मानव समय पर फिर से भर जाती हैं। इसमें सूरज की रोशनी, हवा, बारिश, ज्वार, लहरें और भूतापीय गर्मी जैसे स्रोत शामिल हैं। Renewable energy जीवाश्म ईंधन के विपरीत है, जिनका उपयोग उनकी भरपाई की तुलना में कहीं अधिक तेज़ी से किया जा रहा है।

हालांकि अधिकांश नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत टिकाऊ हैं, कुछ नहीं हैं। उदाहरण के लिए, कुछ बायोमास स्रोतों को शोषण की वर्तमान दरों पर टिकाऊ नहीं माना जाता है। Renewable Energy अक्सर चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ऊर्जा प्रदान करती है: बिजली उत्पादन, वायु और जल तापन/शीतलन, परिवहन, और ग्रामीण ऊर्जा सेवाएं।

मनुष्यों की वैश्विक ऊर्जा खपत का लगभग 20% नवीकरणीय है, जिसमें लगभग 30% बिजली भी शामिल है। ऊर्जा की खपत का लगभग 8% पारंपरिक बायोमास है, लेकिन इसमें गिरावट आ रही है। 4% से अधिक ऊर्जा की खपत आधुनिक Renewable energy से होती है, जैसे कि सौर जल तापन, और 6% से अधिक बिजली से।

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नवीकरणीय ऊर्जा के प्रकार(Type of Renewable Energy):-

  • सौर ऊर्जा
  • पवन ऊर्जा
  • जलबिधुत
  • बायोमास ऊर्जा
  • जियोथर्मल ऊर्जा
  • ज्वारीय शक्ति
नवीकरणीय ऊर्जा या अक्षय ऊर्जा के फायदे और नुकसान:-

इस ऊर्जा से लाभ:-

  • संवहनीय: नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न ऊर्जा स्वच्छ एवं हरित और अधिक संवहनीय होती है।
  • रोज़गार के अवसर: नई प्रौद्योगिकी को शामिल करने का स्पष्ट अर्थ है देश की कामकाजी आबादी के लिये रोज़गार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
  • बाज़ार आश्वासन: अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से नवीकरणीय स्रोत बाज़ार और राजस्व आश्वासन प्रदान करते हैं, जो आश्वासन किसी अन्य संसाधन से प्राप्त नहीं होते।
  • अक्षय स्रोत: सौर, पवन, भू-तापीय ऊर्जा स्रोत जैसे ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत प्रकृति में ‘शाश्वत एवं अक्षय’ (Perpetual and Non-Exhaustive) हैं।

इस ऊर्जा से नुकसान:-

  • इस ऊर्जा का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि, कई नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर हर समय भरोसा नहीं किया जा सकता है। जब सूर्य अस्त हो जाता है या बादल के पीछे छिप जाता है, तो हम सौर ऊर्जा उत्पन्न नहीं कर सकते हैं ।…..Join Telegram
  • इसी प्रकार जब हवा नहीं चलती है, तो हम पर्याप्त पवन ऊर्जा नहीं बना सकते हैं। इस कारण से, जीवाश्म ईंधन अभी भी कई देशों में नवीकरणीय स्रोतों को टॉप-अप करने के लिए उपयोग में है।
  • इस परिवर्तनशील उत्पादन क्षमता का मतलब है कि अक्षय ऊर्जा उत्पादन में गिरावट आने पर पर्याप्त ऊर्जा सुनिश्चित करने के लिए बड़े ऊर्जा भंडारण समाधान की आवश्यकता होती है। एक वैकल्पिक समाधान कई नवीकरणीय प्रौद्योगिकियों को तैनात करना है, आपूर्ति की एक अधिक लचीली प्रणाली का निर्माण करना जो किसी दिए गए स्रोत के लिए उत्पादन में गिरावट का प्रतिकार या भरपाइ कर सके।
  • कुछ नवीकरणीय संसाधन, जैसे जलविद्युत और बायोमास, आपूर्ति की इन समस्याओं से ग्रस्त नहीं हैं, लेकिन इन दोनों की पर्यावरणीय प्रभाव से संबंधित अपनी चुनौतियां हैं, जिससे पर्यावरण पर असर पड़ता है।
  • इसके अलावा, कुछ Renewable energy स्रोत, जैसे सौर और पवन फार्म, स्थानीय लोगों से शिकायतें पैदा करते हैं और वे लोग उनके पास नहीं रहना चाहते हैं।
Renewable Energy को अपनाने में होने वाली समस्याएँ:-
  1. गरीब देशों के लिये अधिक चुनौतियाँ:- अगर हम उस परिदृश्य की कल्पना करें जब नवीकरणीय ऊर्जा समग्र उद्देश्य की पूर्ति में अक्षम हो और अमीर अर्थव्यवस्थाएँ इस कमी को पूरा करने हेतु गैस खरीद के लिये छीना-झपटी शुरू कर दें, लिखी वहीं गरीब देश इसके लिए सक्षम नहीं होंगे।
  2. पारम्परिक ईंधन का महत्त्व:- प्राकृतिक गैस का उपयोग यूरिया के उत्पादन के लिये किया जाता है, इसलिये यदि गैस की कीमतें बढ़ती हैं तो उर्वरक भी महँगा हो जाता है। महँगे उर्वरक का अर्थ होगा अधिक महँगे खाद्य पदार्थ, जो गरीबों को व्यापक रूप से प्रभावित करेगा। इसी तरह कच्चा तेल वर्ष 2007-08 में, जब तेल की कीमतें अधिक थीं, अमेरिका और यूरोप के नेतृत्व में ‘जैव ईंधन’ का उपयोग करने पर ज़ोर दिया गया था। भूमि को उन फसलों की खेती की ओर मोड़ दिया गया था, जिन्हें इथेनॉल में परिवर्तित किया जा सके और इससे खाद्य फसलों के लिये भूमि क्षेत्र में कमी आई थी।
  3. रिसोर्स लोकेटर: अधिकांश Renewable energy संयंत्रों को, जो अपनी ऊर्जा को ग्रिड के साथ साझा करते हैं, वृहत स्थान या क्षेत्र की आवश्यकता होती है। अधिकांश मामलों में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत स्थान के आधार पर तय होते हैं जो उपयोगकर्त्ताओं के लिये प्रतिकूल हो सकते हैं।
  4. स्थापना लागत की समस्या: स्थापना की उच्च प्रारंभिक लागत Renewable energy के विकास की प्रमुख बाधाओं में से एक है। यद्यपि एक कोयला संयंत्र के विकास के लिये उच्च निवेश की आवश्यकता होती है, ज्ञात है कि पवन एवं सौर ऊर्जा संयंत्रों को भी भारी निवेश की आवश्यकता होती है।

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